Author: Rangeya Raghav
Brand: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
Package Dimensions: 22x213x290
Number Of Pages: 272
Release Date: 07-02-2025
Details: क्या एक घर सिर्फ चार दीवारों का नाम है, या उसमें मौजूद रिश्तों की जटिलता भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है? “घरौंदा” उपन्यास में रंगेया राघव ने एक व्यक्ति के भीतर और बाहर के संघर्षों को गहराई से चित्रित किया है। यह कहानी दर्शाती है कि कैसे परिवार और समाज के दबावों के बीच एक व्यक्ति शांति और खुशी की खोज करता है।
लेखक ने इस उपन्यास में यह दिखाया है कि घर और रिश्तों को बनाए रखने के लिए कई बार समझौते करने पड़ते हैं। जहां एक ओर परिवार का प्यार और सहारा होता है, वहीं दूसरी ओर असहमति और तनाव भी जीवन का हिस्सा बन जाते हैं।
अगर आप ऐसी कहानियाँ पढ़ना पसंद करते हैं, जो आपको रिश्तों की गहराई और समाज की वास्तविकताओं से जोड़ती हैं, तो “घरौंदा” आपके लिए एक बेहतरीन उपन्यास होगा।
यह सिर्फ एक कहानी नहीं, बल्कि रिश्तों और जीवन के संघर्षों को समझने का एक नया दृष्टिकोण है। इसे जरूर पढ़ें!













